प्रेम

keshav
हे प्रियतमा!
मैं कैसे कहूँ,
कुछ कहूँ
या चुप रहूँ।
 
मैं चाहता हूँ कि,
मैं कृष्ण बनूँ
तुम राधा बनो,
मैं राम बनूँ
तुम सीता बनो,
मैं रांझा बनूँ,
तुम हीर बनो…
लेकिन!
उलझन में हूँ,
कि, कहीं!
तुम्हें खो न दूँ,
क्योंकि?
कृष्ण का प्यार,
राम का प्यार
रांझा का प्यार,
अधर में लटक गया,
रास्ते से भटक गया।
 
कृष्ण ने,
रुक्मिणी को
राम ने, 
अपनी जनता को
रांझा ने,
अपनी मौत को
गले लगा लिया।
 
मैं ये नहीं कहता
कि,उन्होंने गलत किया,
उन्होंने धर्म पालन किया
और सर्व समभाव,
समाज को बनाया।
 
मैं भी चाहता हूँ,
कि,समभाव बना रहे
लेकिन मैं ये भी
चाहता हूँ कि,
आप मेरे सामने बैठी रहो,
और मैं केवल देखता रहूँ।
 
मैं आपको
खोना नहीं चाहता हूँ,
आपको अब
गम देना नहीं चाहता हूँ।
 
मैं जीवन के अंतिम क्षण में भी,
सिर्फ आपको देखना चाहता हूँ
वो भी मुस्कुराते हुए,
और खिलखिलाते हुए।
कुछ गुनगुनाते हुए,
नजरें भी चुराते हुएll

                                                                 #केशव कुमार मिश्रा

परिचय: युवा कवि केशव के रुप में केशव कुमार मिश्रा बिहार के सिंगिया गोठ(जिला मधुबनी)में रहते हैं। आपका दरभंगा में अस्थाई निवास है। आप पेशे से अधिवक्ता हैं।

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।