पहेली

1
0 0
Read Time1 Minute, 31 Second
prerana-300x210
जिंदगी की हकीकत कैसी एक पहेली है,
साथ सब हो फिर भी कुछ अधूरी है।
कोई जो किसी की खातिर सब छोड़ आता है,
दूसरा सब होते हुए कुछ और पा जाता है।
सिर्फ एक विश्वास का अहसास उन्हें जोड़ता है,
साथ-साथ चलकर बहुत दूर को मोड़ता है।
एक अथाह प्यार की डोर साथ होती है,
जो कभी-कभी बहुत छोटी महसूस होती है।
मन सिर्फ उनके प्यार का मोहताज होता है,
सब कुछ होकर भी इसके बिना कुछ न होता है।
क्यों आदमी इस प्यार को समझ नहीं पाता,
बाद में सिर्फ हाथ मलकर रह जाता।
माँ-बाप के  प्यार को छोड़ हम उनसे बंधते हैं,
पर कभी-कभी थोड़े प्यार को तरसते हैं।
यही जिंदगी की अजीब पहेली है,
जो समझ गया वो जी गया..
जो न समझे तो जीवन व्यर्थ है॥

                                                                            #प्रेरणा सेंद्रे 

परिचय: प्रेरणा सेंद्रे  इन्दौर में रहती हैं। आपकी शिक्षा एमएससी और बीएड(उ.प्र.) है। साथ ही योग का कोर्स(म.प्र.) भी किया है। आप शौकियाना लेखन करती हैं। लेखन के लिए भोपाल में सम्मानित हो चुकी हैं। वर्तमान में योग शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं।

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

One thought on “पहेली

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

'टॉयलेट:एक प्रेम कथा' छोटे मुद्दे पर बड़ा मनन

Sat Aug 12 , 2017
एक छोटी समस्या कैसे विकराल रूप ले लेती है,और उसके हल के लिए शासकीय तंत्र कैसे अपनी भूमिका से पीठ दिखाता है,यही दिखाया गया है ‘टॉयलेट:एक प्रेम कथा’ फिल्म में। कहानी यह है कि,36 वर्षीय केशु (अक्षय कुमार) की शादी नहीं हो पाई है। तब रूढ़िवादी परम्परा और अंधविश्वास के चलते […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।