अहसान

2
0 0
Read Time56 Second
laxmi choube
दिल में बसा के आपने अहसान कर दिया,
दिल का जो पूरा आपने अरमान कर दिया।
पाया जो इश्क़ यार का दीवानी हो गई,
दुनिया से हमको यार ने अंजान कर दिया।
अब और क्या सबूत दूँ मैं अपनी वफ़ाओं का,
जीवन ये सारा प्यार पे कुर्बान कर दिया।
तूफान आया जिंदगी बदहाल हो गई,
गुलशन बसा के प्यार का गुलदान कर दिया।
मुश्किल अकेले काटना था ये राह-ए- गुज़र,
बन हमसफर ये आपने आसान कर दिया।
                                                                                    #लक्ष्मी चौबे
परिचय: लक्ष्मी चौबे का जन्म १९८७ में १३ फरवरी को हुआ है। आप पश्चिम बंगाल राज्य के जिला-हुगली  स्थित तेलिनीपारा में निवासरत हैं। लेखन आपकी रुचि का कार्य है।
 

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

2 thoughts on “अहसान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

वेदना

Mon Jul 31 , 2017
है वेदना गर मेरे मन में, क्यूं धीर बूंदें खो रही हैं। क्यूं जागती हैं मेरे संग में, जबकि वो सुख से सो रही है॥ सावन की ये ठंडी हवा क्यूं, मुझे ज्येष्ठ की लू लग रही है। है मन मेरा विरह अग्नि में तो क्यूं, न लपटें चैन उसका खो रही […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।