उजालों का सहारा

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abdul

ऐ खुदा तू मेरी किस्मत में खुदारा लिख दे,

दौलते दोनों जहाँ मेरा इजारा लिख दे।
लोग जो तंग अंधेरों की घुटन सहते हैं,
रौशनी और उजालों का सहारा लिख दे॥
हर तरफ छाई हुई ग़ुरबतो नादारी है,
इनकी तक़्दीर मेरे मौला दोबारा लिख दे।
(शब्द अर्थ : खुदारा=छोटी-छोटी वस्तुएँ बेचनेवाला। इजारा=किसी पदार्थ को उजरत या किराए पर देना। सहारा=जिस पर बोझ डाला जा सके। गुरबतो=विदेश में रहना।)
                                                                                      #अब्दुल रऊफ ‘मुसाफ़िर’
परिचय : अब्दुल रऊफ ‘मुसाफ़िर’ को लिखने का शौक है। आप मध्यप्रदेश के सेंधवा(जिला बड़वानी) में रहते हैं। 

matruadmin

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