नारी:कल और आज 

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सदियों पहले हो के तिरस्कृत,
रोयी       सीता    माता    है।
नारी   की उस   दीन दशा को,
क्यों जग बार-बार दोहराता है?
मिथ्या   आरोपों   का  जब,
जगजननी ने न प्रतिकार किया।
तभी अधम की बुद्धि के आगे,
धर्म  ने अत्याचार     किया॥
निर्भीक विचरता सदा अधर्मी,
क्यों सत्य भयातुर हो जाता है?
नारी  की उस  – – – – – – – ,
क्यों जग बार-बार – – – – – ?
कैसा  पौरूष मर्यादा कैसी?
हुआ   न्याय यह     कैसा?
जो   किया विलग निर्वासित,
रानी   को   तुच्छों   जैसा॥
शक   के   घेरे   में नारी  ही,
क्यों पुरुष सदा बच जाता है?
नारी की उस – – – – – – — – ,
क्यों जग बार-बार – – – – – -॥
वह  देवी  थी  क्षमाशील पर,
सहती  भी आखिर कितना?
थी   त्यागमयी,  स्नेह -पुंज,
सबमें तेज नहीं उस जितना॥
मूक रहा जो अन्याय के आगे,
वही   सजा  क्यों  पाता   है?
नारी  की  उस – – – – – – – –  -,
क्यों जग  बार-बार – – – – – -?
फटी मही और कौंधी बिजली,
आया    रथ    सोने       का।
नतमस्तक  चल  पड़ी  सिया,
दुःख हुआ राम को खोने का॥
अंक  में ले दुहिता को अपनी,
हुई  विदीर्ण  धरा   माता है॥
नारी   की  उस – – – – – – – – -,
क्यों  जग  बार-बार  – – – – -?
सदियों से ही अग्नि-परीक्षा में,
खरी    उतरती   आई   पर।
तन खिले ‘अधर’ परिलक्षित हों,
अर्न्तमन   तो  जाए    मर ॥
प्रेमपाश  की श्वांस न  देकर,
क्यों  जीते जी  लटकाता है?
नारी   की उस दीन दशा को,
क्यों जग बार-बार दोहराता है?
                                                                   #शुभा शुक्ला मिश्रा ‘अधर’

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।