वंदे गौ मातरम

shreeman
कोटि-कोटि  कंठों से कह दो,वंदे गौ मातरम नारे,
गौरक्षा के हित में आओ,कान्हा बन के तुम प्यारेl  
 
सनातनी  संस्कार कहाँ  है,तोड़ने लगे अब नाता, 
बिलख रही है आहें भर के,गली-गली में गौ माताl   
 
वारिस के ही सामने गैया,बूचड़खानों में झूल रही, 
एक ओर माता कहते ही,अब क्यों सरकार भूल रहीl  
 
आर्द्रनाद  हुंकार समाकर,धर शस्त्रों को अब सारे,
कोटि-कोटि कंठों  से  कह  दो,वंदे गौ मातरम नारेl 
 
कामधेनु बन के थी,घर-घर लक्ष्मी का अवतार लिए,
जन-जन पापों को हरती थी,आँगन में भवसार लिएl 
 
हम हिन्दू की मनोभावना,जनमानस का मंत्र बना, 
गौरक्षा के हित में तब से,शासन  का  यह तंत्र बनाl 
 
काट रहे  हैं गौ मैया को,उसके  नैनों  के तारे,
कोटि-कोटि  कंठों  से कह दो,वंदे  गौ मातरम नारेl 
विकट हो रहा कलियुग भीतर,माता का सम्मान नहीं,
गौरक्षा  करता  था  भगवन,वो  वंशी मधुगान नहींl 
 
नीच  धरातल राजनीति ने,हनन किया संस्कारों को,
फिर भी धरती धरती है यह,सहनशील ममकारों कोl  
 
रुद्र  उठो  नंदी  के  हित  में,शिव  तांडव  बन संहारे,
कोटि-कोटि  कंठों  से  कह दो,वंदे  गौ मातर  नारेl 
                                                           #श्रीमन्नारायण चारी’विराट

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मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।