फेकथा के कलाकारों ने जमाया रंग, प्रस्तुतियों से झूम उठा इंदौर

इन्दौर । मिनी बॉम्बे कहलाने वाले शहर इंदौर के प्रेस क्लब, MTH कंपाउंड में रविवार की शाम टीम फेक’था ने ‘जश्न-ए-फेकथा’ का सफल आयोजन किया, जिसमें कई तरह की कविताएं, म्यूजिकल परफॉर्मेंस, ग्रुप और पैनल डिस्कशन, थियेटर प्रस्तुतियां हुईं। कार्यक्रम में देश-प्रदेश और स्थानीय कलाकारों तथा वायलिंटरर्स ने भाग लिया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में स्थानीय और शहर के बाहर से आए दर्शकों की उपस्थित रही।

इस दौरान टीम फे’कथा द्वारा कहानी-क़िस्से के हिस्से, लोक और परलोक के आर-पार की कविताएं, धुम धुडुम धुम वाला संगीत और इंदौर में भोपालियत का रंग पेश किया गया। इसके अतिरिक्त सहस्त्रार थियेटर ग्रुप का नाट्य मंचन तथा लखनऊ से आए प्रणव मिश्रा तेजस का फ़िराक़ साहब पर आधारित कार्यक्रम भी शामिल रहा। इंदौर की सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर अनमोल चौहान के कार्यक्रम ‘छोटी जिज्जी की क्लास’ ने सबका मन मोह लिया।

फेकथा इंस्टाग्राम पेज और अपने कार्यक्रमों के जरिए हास्य, विनम्रता और मानवता को केंद्र में रखकर क्रांति और सकारात्मक बदलाव का एक सामूहिक प्रयास है। इसका मूल उद्देश्य समाज के भीतर व्यक्तिगत चेतना और सामाजिक चेतना, दोनों को जागृत करना है।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।