हिन्दी के शीर्ष साहित्यकारों की सूची में इन्दौर से शरद पगारे एवं सतीश राठी शामिल

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राही रैंकिंग 2021 द्वारा विश्व के श्रेष्ठ साहित्यकारों की सूची जारी

इन्दौर। राही रैंकिंग 2021 जयपुर से प्रसारित वर्तमान में हिंदी के शीर्ष 100 साहित्यकारों की सूची में प्रथम पायदान पर हिन्दी की प्रसिद्ध कहानीकार चित्रा मुद्गल सहित इंदौर के श्री शरद पगारे व श्री सतीश राठी को क्रमश: 36वें व 98वें नम्बर पर रखा गया है। इस सूची को जयपुर के ख़्यात साहित्यकार प्रबोध गोविल द्वारा तैयार किया जाता है।

इस सूची में चित्रा मुद्गल, मैत्रेयी पुष्पा, प्रेम जनमेजय, ममता कालिया, शरद पगारे, बलराम अग्रवाल, पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी, राजेश जोशी, लालित्य ललित, मालती जोशी, पद्मश्री मेहरूनिशा परवेज़, जयप्रकाश मानस, हरीश पाठक, डॉ. दिविक रमेश, बी एल आच्छा, गिरीश पंकज एवं इंदौर से प्रतिष्ठित लघुकथाकार सतीश राठी सहित हिन्दी के कई विद्वान शामिल हैं। सूची में शामिल हिन्दी के सभी विद्वानों को मातृभाषा उन्नयन संस्थान की ओर से शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं।

उल्लेखनीय है शहर के विद्वान श्री शरद पगारे पिछले 60 वर्षों सतत लेखन कर रहे हैं और हाल ही में देश में ज्ञानपीठ के बाद सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार के के बिड़ला फाउंडेशन के ‘व्यास सम्मान’ से विभूषित किया गया है।
इसी तरह प्रसिद्ध लघुकथाकार सतीश राठी की लघुकथाओं की कई पुस्तके आ चुकी है, वे क्षितिज संस्था के संस्थापक भी हैं और देशभर में लघुकथाओं के वैभव के लिए कार्यरत भी हैं।

राही रैंकिंग 2021 में सम्मिलित सभी विद्वतजनों को मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. नीना जोशी, राष्ट्रीय सचिव गणतंत्र ओजस्वी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शिखा जैन, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य नितेश गुप्ता, भावना शर्मा एवं सपन जैन काकड़ीवाल आदि ने बधाई प्रेषित कर हिन्दी का अभिमान बताया।

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हिन्दी के शीर्ष साहित्यकारों की सूची में इन्दौर से शरद पगारे एवं सतीश राठी शामिल

Fri Jul 23 , 2021
इन्दौर। राही रैंकिंग 2021 जयपुर से प्रसारित वर्तमान में हिंदी के शीर्ष 100 सहित्यकारों की सूची में प्रथम पायदान पर हिन्दी की प्रसिद्ध कहानीकार चित्रा मुद्गल सहित इंदौर के शरद पगारे व सतीश राठी को क्रमश: 36वें व 98वें नम्बर पर रखा गया है। इस सूची को जयपुर के ख़यात […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।