
पवित्र है तभी तो
पूजे जाते देव
कन्या की पवित्रता पर
हम छूते उसके पाँव
समय के साथ जब
कन्या वधु बन जाती है
वधु खुद पाँव छूती हुई
सबको नजर आती है
पवित्रता से पतित
बनने की यह बात
सहज ही समझ में
सबके आ जाती है
पूजा देव की नही
पवित्रता की होती है
आओ हम भी पवित्र
बनने की पहल करे
इंसान से देवता
बनने का मार्ग चुने ।
#श्री गोपाल नारसन

