भारतीय भाषाओं के पक्ष में सर्वोच्च न्यायालय का एक और निर्णय।

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साक्षी का बयान अब उसकी भाषा में लिखना होगा

भारतीय भाषा अभियान की एक और मांग को स्वीकार करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के तीन मा. न्यायमूर्तियों ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है।

६-माह के अंदर सभी उच्च न्यायालय को फौजदारी के मुकदमों में कई फेरबदल करने होंगे। जिनमें से सबसे महत्वपूर्ण फेरबदल है कि साक्षी का बयान अब उसकी भाषा में लिखने होंगे। अंग्रेजी में भी लिखा जा सकेगा, अर्थात दोनों भाषाओं में लिखा जाएगा। भारतीय भाषा अभियान की वर्षों से सबसे महत्वपूर्ण मांग यह रही है।

सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी आदेश दिया है कि आगामी 6 वर्षों में प्रत्येक न्यायालय में एक अनुवादक की नियुक्ति दी जाएगी ताकि न्यायाधीश को अनुवाद करने की आवश्यकता न पड़े। भारतीय भाषा अभियान के कार्यकर्ताओं को न्याय प्रणाली में होते जा रहे एक के बाद एक सफलता हार्दिक बधाई । भारतीय भाषा अभियान का विषय सर्वोच्च न्यायालय के पास पहुंच गया।

यह सब सभी कार्यकर्ताओं का योगदान तथा श्रेष्ठ समर्पित भावनापूर्ण कार्य से ही संभव हो रहा है ।

वैश्विक हिंदी सम्मेलन, मुंबई

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।