डाक टिकट

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राजयोगिनी जानकी पर
डाक टिकट हुआ जारी
उपराष्ट्रपति ने नमन कर
राजयोग महत्ता स्वीकारी
कानून मंत्री रविशंकर भी
इस पल के साक्षी बने
ब्रह्माकुमारीज सेवा के
आज सभी अनुगामी बने
पांच रुपये के डाक टिकट पर
दादी जानकी खूब सजी है
परमधाम से मुस्कुरा रही
शिव बाबा की कीर्ति बड़ी है।
#श्रीगोपाल नारसन

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matruadmin

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अम्बे माँ

Tue Apr 13 , 2021
अम्बे माँ का दरबार, खुशियों का है भंडार। मैया देती है सबको, खुशियाँ अपार। अम्बे माँ का…….. माथे पे बिंदिया सोहे, कानों में कुंडल। गले पुष्प माला सोहे, पैरों में पायल। होकर सिंह पे सवार, लेकर हाथों में तलवार। मैया देती है सबको, खुशियाँ अपार। अम्बे माँ का……….. झोली सबकी […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।