
मेरा जीवन आधार हो तुम
मेरे ईश्वरीय अवतार हो तुम
पहली शिक्षक मां प्रकाशवती
संस्कारो को दी मां ने गति
पिता मदन लाल कर्मयोगी रहे
जीवन सन्मार्ग दिखाते रहे
अभाव में कभी हार न मानी
कठिन परिश्रम थी जिंदगानी
ईमान से जीने का पाठ पढ़ाया
माया से कभी न मन डगमगाया
सदचरित्रता उन्होंने सिखाई
परमात्म याद की बाते बतायी।
श्रीगोपाल नारसन

