
प्रकृति ने ली अंगड़ाई है
पहाड़ में फिर तबाही है
ग्लेशियर फिर से पिघल गए
टुकड़ो टुकड़ो में बिखर गए
सैकड़ो जाने चली गई
प्रकृति के हाथों छली गई
एक दिन पहले से हलचल थी
ग्लेशियर फटने की तड़पन थी
बस, हम ही नही समझ पाए
अपनो की जान नही बचा पाए
इस तबाही से सबक ले लो
दिवंगतों को श्रद्धांजलि दे दो।
#श्रीगोपाल नारसन

