लौह पुरुष को मेरा वंदन

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भारत के सच्चे सपूत,लौह पुरुष को मेरा वंदन
जनगण के मन में महके बनके शीतल चन्दन

तुमने राष्ट्र का मान बढ़ाया,तुम नए भारत के सूत्रधार
राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोया,करते नमन हम बार-बार

तुम राजनीति के सूरवीर,स्थापित किए कई कीर्तिमान
तुम कूटनीति के ज्ञानवीर,तुम हो शंका के समाधान
निरपेक्ष हो कर किया काम,नही रहा कभी कोई बंधन
भारत के सच्चे सपूत,लौह पुरुष को मेरा वंदन

व्यक्तित्व तुम्हारा था बेमिसाल,थे प्रहरी तुम लोकतंत्र के
थामी तुमने आजादी की मशाल, नायक बन गए जनतंत्र के
राष्ट्र का करके एकीकरण,विश्व में मान बढ़ाया था
करके निर्वाह राजधर्म का,जनजन विश्वास जगाया था
नवाबो,राजे-रजवाड़े से किया राष्ट्र का मुक्त बंधन
भारत के सच्चे सपूत,लौह पुरुष को मेरा वंदन

ज्ञान से तुम परिपूर्ण रहे,तुम विधिक ज्ञान में पारंगत
समता को तुमने अपनाया,न्याय के लिए रहे प्रयासरत
तुम स्वयं त्याग की मूरत थे,कर्तव्यपरायण रहे जीवन में
तुम बापू के अनुयायी थे,दर्शन ग्रहण किया मन में
विरोधों का किया उन्मूलन,कर दिया आपने संसोधन
भारत के सच्चे सपूत लौह पुरुष को मेरा वंदन

बारदोल आंदोलन से तुम ,किसानों के नेता बने
मिली सरदार उपाधी,जनता के तुम अभिनेता बने
तुम राष्ट्र के गौरव हो, तुम हो भारत के रत्न
राष्ट्र को नही झुकने दिया,किया तुमने प्रयत्न
बेगार प्रथा को किया ख़त्म, बल्लभ राष्ट्र का है चंदन
भारत के सच्चे सपूत,लौह पुरुष को मेरा वंदन।

#आकिब जावेद
बाँदा,उत्तर प्रदेश

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लौह पुरुष

Sat Oct 31 , 2020
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।