मिला है मनुष्य जीवन,
जीने का मौका हमें।
तो सफर कर रहे हैं,
जिंदगी को जीने का।
तो क्यो न इसे हम,
आप साकार बनाये।
और इस जीवन को,
कल्याण करने में लगाये।।
धर्म के साथ जीने का,
फल अच्छा मिलता है।
मैं नही कहता ऐसा,
इतिहास के पन्नो में मिलता है।।
तथ्यों को जो समझता है।
वो ही व्यक्ति एक,
नया इतिहास रचता है।।
उम्र का पड़ाव दोस्तो,
बहुत छोटा सा है।
हमारा काम करने का,
सफर बहुत लंबा है।
कैसे इस पड़ाव को,
पार हम कर पाएंगे ।
और कैसे अपने जीवन,
को सार्थक बना बनायेगे ?
जीवन के सफर को,
मौज मस्ती धर्म कर्म,
के साथ जो जीयेगा ।
वो ही अपना नाम,
इतिहास के पन्नो में लिखवायेगा।
और नाम अपना अमर कर जाएगा।।
#संजय जैन
परिचय : संजय जैन वर्तमान में मुम्बई में कार्यरत हैं पर रहने वाले बीना (मध्यप्रदेश) के ही हैं। करीब 24 वर्ष से बम्बई में पब्लिक लिमिटेड कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत श्री जैन शौक से लेखन में सक्रिय हैं और इनकी रचनाएं बहुत सारे अखबारों-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहती हैं।ये अपनी लेखनी का जौहर कई मंचों पर भी दिखा चुके हैं। इसी प्रतिभा से कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा इन्हें सम्मानित किया जा चुका है। मुम्बई के नवभारत टाईम्स में ब्लॉग भी लिखते हैं। मास्टर ऑफ़ कॉमर्स की शैक्षणिक योग्यता रखने वाले संजय जैन कॊ लेख,कविताएं और गीत आदि लिखने का बहुत शौक है,जबकि लिखने-पढ़ने के ज़रिए सामाजिक गतिविधियों में भी हमेशा सक्रिय रहते हैं।
Fri May 17 , 2019
सदा सत्य पथ पर चले जाना है हवा के है झोंके बहे जाना है। कभी सोचते है,ठहरे इसी पथ बस नीर है हम, बहे जाना है । ठहरी नही जिंदगी भी किसी पथ किसी के लिए ना रुके हम किसी पथ कभी लड़खड़ाये ,तो सोच ले हम यही […]