मेघदूत बन ..

0 0
Read Time54 Second
cropped-cropped-finaltry002-1.pngcropped-cropped-finaltry002-1.png
पवन वेग से उड रे चेतक ,
जहाँ दुश्मन आया है ।
रख रुप विकराल उसने ,
ताँडव वहाँ मचाया है।
रक्तरंजित हो गयी धरा ,
निरपराधों के लहु से।
जाने पाये न वो नराधम
रंग धरा उसके लहु से ।
रही सिसकती आज वसुधा,
देख अपना दामन लाल।
न जाने कितनी बहनों,पत्नियों,
और माँ ने खोये लाल।
बन कर कहर अब टूटना होगा,
विकराल तूफाँ बन जा।
कर नष्ट भ्रष्ट अब ये नापाक तंत्र,
रुप काली का धर तू जा।
मत बनना मेघदूत,प्रियतम को रिझाने,
आज बन दूत दुर्गा का,जा दुश्मन मिटाने।
लौटना तभी जब  शहादत का बदला लेले,
शहीदों की कुर्बानी को धूल में मिलने बचाले।
#मनोरमा जैन पाखी 

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

बसन्त ऋतु

Tue Feb 19 , 2019
देखो बसंत की ऋतु है आई। धरा को कंचन सा है सजाई। लहरा रही है सरसों ये प्यारी। हरियाली को भी संग- संग लहराई। संग फूलों की खुशबू चली आई। सोलह श्रृंगार से सजी है क्यारी। प्रकृति भी बदली-बदली नज़र आई। मानो प्रेम के गीत गा रही। कर्ण प्रिय लग […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।