अधुनातन नारी

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कोई भी प्रण कोई प्रतिज्ञा
इस युग में मैं नहीं करुँगी
अखिल विश्व का भार वहन कर
वसुंधरा मैं नहीं बनूँगी…
ऋषि पत्नी का शापित जीवन
शिला बनी जो भटकी वन वन
राम चरण रज प्रतीक्षारत
अहिल्या बनकर नहीं रहूँगी
कोई भी प्रण….
पांच पांडवों की भार्या बन
पांचाली सा कुंठित जीवन
भरी सभा में लज्जित होकर
अपनी पीड़ा नहीं कहूँगी
कोई भी प्रण….
आजन्म पतिव्रत कर धारित
कर न सकी सतीत्व प्रमाणित
धरती माँ की गोद समाकर
अब मैं सीता नहीं बनूँगी
कोई भी प्रण….
निज कर्त्तव्य का कर पालन
लखन गए भाई संग वन
प्रेषितपतिका सा उपेक्षित जीवन
उर्मिला होकर नहीं सहूँगी
कोई भी प्रण…
पाया उसने जो पति जन्मांध
आँखों पे सदा ली पट्टी बांध
पतिव्रता गांधारी बनकर
कोई प्रतिज्ञा मैं नहीं लूँगी
कोई भी प्रण….
लोक लाज तज बन गई जोगन
 मीरा के तो गिरधर मोहन
कुल की मर्यादा रखने को
मैं विष का प्याला नहीं पिऊँगी
कोई भी प्रण…
बिना कहे जब गए नाथ
रख भी न सके सुत शीश हाथ
रात्रि में त्याग दिया जिसको
वो यशोधरा बन नहीं जिऊंगी
कोई भी प्रण..
मैं तो हूँ नारी अधुनातन
खुद ही जीऊँगी अपना जीवन
अपने हिस्से का कोई क्षण
किसी और को मैं नहीं दूँगी
कोई भी प्रण….
#रश्मि शर्मा
 उदयपुर(राजस्थान)
 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।