बेईमान सारे

jayati jain
बेईमानों का शहर है प्यारे
बेईमानी के सब धंधे
कोई ईमान नहीं किसी का
चाहे हो भूखे या नंगे ।
आतंक में दबी हैं चीखें
साया भी है धुँधलाया
डर डर भाग रहा है आदमी
शराफत से है घबराया ।
कौन गवाही देगा किसकी
अत्याचारियों की दुनिया में
इज़्ज़त कहाँ है नारियों की
अपमानित हैं इस दुनिया में ।
इंसानियत है कहाँ रहती
दोस्ती कहाँ है जीती
उम्मीदों से चटका शीशा
मानवता कहाँ है रहती ?
छोटा हो या बड़ा आदमी
मतलबी हो गए सारे
उंगली उठाते दूसरों पर
खुद में झांकते नहीं बेचारे ।
#जयति जैन “नूतन”
परिचय- 
जयति जैन “नूतन”
पति का नाम – इं. मोहित जैन ।
1: जन्म – 01-01
2: जन्म / जन्म स्थान – रानीपुर जिला झांसी 
3: स्थायी पता- भोपाल(मध्यप्रदेश)
4: शिक्षा /व्यवसाय- डी. फार्मा , बी. फार्मा , एम. फार्मा ,/ फार्मासिस्ट , लेखिका
5: विधा – कहानी , लघुकथा , कविता,  लेख , दोहे, मुक्तक, शायरी ।
6: प्रकाशित रचनाओं की संख्या- 400 से ज्यादा रचनायें समाचार पत्रों व पत्रिकाओ में प्रकाशित , साथ ही 12 लाख से ज्यादा ऑनलाइन पाठक ।
7: प्रकाशित रचनाओं का विवरण – जनक्रति अंतराष्ट्रीय मासिक पत्रिका में, राष्ट्रीय दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक अख्बार, राष्ट्रीय पत्रिकाये आदि पर प्रकाशित!
8: सम्मान- 
–  “श्रेष्ठ नवोदित रचनाकार सम्मान” से सम्मानित !
– अंतरा शब्द शक्ति सम्मान 2018 से सम्मानित !
– हिंदी सागर सम्मान 
– श्रेष्ठ युवा रचनाकार सम्मान
– कागज़ दिल साहित्य सुमन सम्मान
– वुमन आवाज़ अवार्ड 2018
– हिंदी लेखक सम्मान
– भाषा सारथी सम्मान
9: अन्य उपलब्धि- बेबाक व स्वतंत्र लेखिका ! हिंदी सागर त्रेमासिक पत्रिका में ” अतिथि संपादक ” 
10:- लेखन का उद्देश्य- समाज में सकारात्मक बदलाव !
11: a- एकल संग्रह – वक़्त वक़्त की बात ( लघुकथा संग्रह)
b- एकल संग्रह : राष्ट्रभाषा औऱ समाज
साझा काव्य संग्रह
A- मधुकलश 
B- अनुबंध
C- प्यारी बेटियाँ
D- किताबमंच 
E- भारत के युवा कवि औऱ कवयित्रियाँ ।
F – काव्य स्पंदन पितृ विशेषांक
G- समकालीन हिंदी कविता ।
H- साहित्य संगम संस्थान से प्रकाशित 
उत्कृष्ट रचनाओं का संकलन
I- अनकहे एहसास
12: अनगिनत ऑनलाइन व ऑफलाइन पत्रिकाओं में लगातार प्रकाशित हो रही हैं रचनाएँ । 
13- रानीपुर (जिला झांसी उप्र) की  पहली लेखिका जो प्रकाश में आयीं ।
14- लेखन के क्षेत्र में 2010 से अब तक ।

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मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।