प्रीतम पाती प्रेमरस…

babulal sharma
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पावन पुन्य पुनीत पल,प्रणय प्रीत प्रतिपाल।
जन्मदिवस शुभ आपका,प्रियतम प्राणाधार।
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प्रिय पत्नी प्रण पालती, प्राणनाथ  पतिसंग।
जन्मदिवस जुग जुग जपूँ,रहे सुहाग अभंग।।
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प्रियतम  पाती  प्रेमरस, पाइ  पठाई  पंथ।
जागत जोहू जन्मदिन,जगत जनाऊँ कंत।।
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जनमे जग जो जानिए, जन्म दिवस जगभूप।
प्रिय परिजन परिवार,पर,प्यार प्रेम प्रतिरूप।
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जन्म दिवस शुभकामना, कैसे कहूँ विशेष।
प्रियतम  मैं  तुझ में रहूँ, मेरे  मनज  महेश।।
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प्राणनाथ प्रिय पुरवऊ,पावन पुन्य प्रतीत।
परमेश्वर प्रतिपालना, पाऊँ प्रियतम प्रीत।।
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पग पग पायलिया पगूँ,पाय पिया प्रति प्यार।
पल  पल  पाँव  पखारती, पारावर  पतवार।।
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पाल पोष प्रतिपाल पहिं,प्राण पियारी प्रीत।
पावन  पावक  पाकते ,पाहन  प्रेम  पलीत।।
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पारावर   पारागमन, पाप  पुण्य  पतवार।
प्रियवर पोत प्रचारती,प्रभु पाती प्रतिहार।।
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परिजन   पाहन  पूजते, पर्वत  पंथ  पठार।
प्रियतम पद परितोषिए,पाले प्रिय परिवार।।
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प्रीतम  पाती   प्रेयसी ,पढ़त प्यार परिमान।
पढ़त पीव पलकों पले,प्रीत पिया प्रतिमान।।
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पाहन पारावरन पर,प्रण पाले प्रतिपाल।
पिया पान परमेश्वरः, पारागमन  पताल।।
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पीहर पाक पवित्रता, परधन पंक प्रमान।
पुरष पराये पातकी,पितर पीर प्रतिमान।।
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पैजनिया पग पहनती, पान परागी पीक।
पिय पिनाकी पींग पर,पूरव पवन प्रतीक।।
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पारस्परिक परम्परा, प्रियतम पीहर पंथ।
प्रेम पनाह परिक्रमा, प्रीत प्राण परिपंथ।।

नाम– बाबू लाल शर्मा 
साहित्यिक उपनाम- बौहरा
जन्म स्थान – सिकन्दरा, दौसा(राज.)
वर्तमान पता- सिकन्दरा, दौसा (राज.)
राज्य- राजस्थान
शिक्षा-M.A, B.ED.
कार्यक्षेत्र- व.अध्यापक,राजकीय सेवा
सामाजिक क्षेत्र- बेटी बचाओ ..बेटी पढाओ अभियान,सामाजिक सुधार
लेखन विधा -कविता, कहानी,उपन्यास,दोहे
सम्मान-शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र मे पुरस्कृत
अन्य उपलब्धियाँ- स्वैच्छिक.. बेटी बचाओ.. बेटी पढाओ अभियान
लेखन का उद्देश्य-विद्यार्थी-बेटियों के हितार्थ,हिन्दी सेवा एवं स्वान्तः सुखायः

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।