यशपाल निर्मल और केवल कुमार केवल होंगे साहित्य भूषण सम्मान 2018 से सम्मानित ।

जम्मू|
जम्मू कश्मीर से डोगरी एवं हिन्दी भाषा के दो स्थापित एवं ख्यातिप्राप्त साहित्यकारों श्री यशपाल निर्मल और केवल कुमार केवल को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की काव्य रंगोली साहित्यक पत्रिका की ओर से साहित्य भूषण सम्मान 2018 हेतु चयनित किया है।
काव्य रंगोली साहित्यक पत्रिका की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यशपाल निर्मल और केवल कुमार केवल को इनके डोगरी एवं हिंदी भाषा में साहित्यक योगदान के लिए यह सम्मान एक भव्य समारोह में प्रदान किए जाएंगें। यह सम्मान समारोह बजार खमरिया, पंडित एरा स्टेट, लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) में 18 नवम्बर 2018 को आयोजित किया जाएगा।इस सम्मान समारोह में देश भर से साहित्यकार भाग लेंगें। हर साल आयोजित होने वाले इस सम्मान समारोह में पहली बार जम्मू कश्मीर से भी दो साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है।
गौरतलब है कि यशपाल निर्मल और केवल कुमार केवल इस से पहले भी केई साहित्यक, समाजिक, सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं एवं सांस्कृतिक संस्थानों की ओर से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत और सम्मानित हो चुके हैं।

matruadmin

Next Post

*करवा चौथ व्रत*

Thu Oct 25 , 2018
हे ईश! नमन तुमको , मेरा सुहाग अमर कर दो। मैं सुहागन रहूँ हरदम, ऐसा तुम जतन कर दो । रण में विजय हो उनका , हिमालय का सर हो ऊँचा । साहस भरकर उनमें , उनकी जीत अमर कर दो । हे ईश! नमन तुमको , मेरा सुहाग अमर […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।