
उत्तर दे दो मोदी जी, क्यूं इतने लाल गवांए है,,
क्या इस दिन की खातिऱ ही आप गद्दी पर बेठाए है,,
नही चाहिए दाल हमें सस्ती,ना नोकरी की आशा है,,
एक सिर के बदले हमें अब तो दस सिर की अभिलाषा है,,
देश का कोई बेटा जब फोजी बन जाता है,,
पूरे देश का सीना तब छप्पन इंची हो जाता है,
सरहद पर मिटकर खाकी तो फर्ज चुकाती है,,
लेकिन खादी अपने आप से ही मुंह छुपाती है,,
दुश्मन से बदला लेने को अब तो गोली की भाषा है,,
एक सिर के बदले हमें अब तो दस सिर की अभिलाषा है, ।
सचिन राणा ” हीरो ”
हरिद्वार, उत्तराखंड,
Next Post
संजा देती है कला ज्ञान ,एवं मनोवांछित फल
Mon Sep 24 , 2018
संजा पर्व मालवा , निमाड़ ,राजस्थान ,गुजरात के क्षेत्रों में कुंवारी कन्याए गोबर से दीवार पर सोलह दिनों तक विभिन्न कलाकृतियाँ बनाती है तथा उसे फूलों व् पत्तियों से श्रंगारित करती है वर्तमान में संजा का रूप फूल -पत्तियों से कागज में तब्दील होता जा रहा है ।माता पार्वती की […]

पसंदीदा साहित्य
-
July 4, 2018
देशद्रोही कांड ” प्रथम सर्ग”
-
July 10, 2017
जय गुरुदेव
-
October 27, 2017
चाहती ऐसा दीप जलाना
-
March 14, 2018
अंतर्राज्यीय भाषा समन्वय से भारत में स्थापित होगी हिन्दी
-
January 22, 2018
देशभक्ति गीत
