देशद्रोही कांड ” प्रथम सर्ग”

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manoj daga moju
राष्ट्रभक्ति की बात न भाये , कह अपशब्द बहुत हर्षाये
भारत माँ को देते गाली , उछल उछल कर पीटे ताली
बात बात पर लड़ने लागे , शोर करे ज्यो करते कागे
ऐसे ऐसे कर्मन कीना , दुख दारुण राष्ट्र को दीना ,
दुश्मन को देते सन्देशा ,फैला दंगा करो कलेशा
दुश्मन की हर बात पसंदा , घोटाले करना है धंधा
भारत की बर्बादी चाही , आतंकी को कहते भाई
दोहा–चोरो से लगते गले ,सदा करे गुणगान
         सेना को झूठा कहे, और करे अपमान
मनोज”मोजू”
नाम– मनोज डागा “मोजू”
जन्मतिथि–23 मई 1970
पता- गाजियाबाद(उत्तरप्रदेश)
सम्मान-हिंदी सेवा समिति द्वारा 
प्रकाशन-कोई पुस्तक नही
              सिर्फ कुछ पत्रिकाओं में रचनाये प्रकाशित हुई है ।

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।