रेशम के धागों में भरा हुआ
बहना का प्यार।
भाई के जीवन में राखी
अनोखा सुन्दर सा उपहार।
रोली तिलक सिर पर लगाकर
मुँह मीठे की रस्म निभाकर
बाँधी कलाई पर राखी
बहना ने।
आई सुन्दर सुखद बहार।
रेशम के ……।
स्नेहिल आँखें सजल हो रही
ना कहकर भी बहुत कह रही
दायित्वों का बोध कराती
नयनों से बरसी जल धार।
रेशम के ……।
इस राखी का नेग यही है
रक्षा का बस वचन सही है
संकट कैसा भी आ जाये
बहना की रक्षा करने नित
भाई है तैयार।
रेशम के …..।
#पुष्पा शर्मा
परिचय: श्रीमती पुष्पा शर्मा की जन्म तिथि-२४ जुलाई १९४५ एवं जन्म स्थान-कुचामन सिटी (जिला-नागौर,राजस्थान) है। आपका वर्तमान निवास राजस्थान के शहर-अजमेर में है। शिक्षा-एम.ए. और बी.एड. है। कार्यक्षेत्र में आप राजस्थान के शिक्षा विभाग से हिन्दी विषय पढ़ाने वाली सेवानिवृत व्याख्याता हैं। फिलहाल सामाजिक क्षेत्र-अन्ध विद्यालय सहित बधिर विद्यालय आदि से जुड़कर कार्यरत हैं। दोहे,मुक्त पद और सामान्य गद्य आप लिखती हैं। आपकी लेखनशीलता का उद्देश्य-स्वान्तः सुखाय है।
Thu Aug 23 , 2018
हर सावन में आती राखी, बहना से मिलवाती राखी… बहिन भाई का अनोखा ये रिश्ता / बना रहे ये बंधन हमेशा / जो भूले से भी ना भूले, बचपन की वो सब यादे ! बहिन भाई का अटूट-प्रेम / सब कुछ याद दिलाती राखी / भाई बहिन का अनमोल ये […]