
भाई बहन का प्रेम अमर
रक्षाबंधन दरसाता है
भाई न रूठे बहन से
यह हमें सिखाता है।
रूचना रोली से बहनें
भाई का भाल सजातीं हैं
बॉध कलाई में डोरी
मुंह मीठा करातीं हैं।
बहनें भाई से पैसे पाकर
आशीषें दें मुस्कातीं हैं।
#सुरेश सौरभ
लखीमपुर खीरी उ० प्र०
Thu Aug 16 , 2018
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