भारत प्राचीन काल से ही सोशल डिस्टेंसिंग प्रधान देश रहा है। जिसके माहात्म्य पर वेदों ,शास्त्रों में विस्तार से प्रकाश डाला गया है। हमारा ख्याल है कि कालान्तर में कोरोना वायरस के कारण ही ऐसी अवधारणा का जन्म धर्म शास़्त्रों में हुआ होगा। जिससे ऐसी सामाजिक दशा पनपी होगी। इसे […]

   भदर- भदर कुछ लोग कुछ पीट रहे थे। घनी चीखों से माहौल भरने लगा। पुलिस आई । भदर -भदर रोका,देखा दो रोती हुई आत्माएं आलिंगनबद्ध थी। पुलिस ने उनसे पूछा यहाँ कैसे?वे बोले- वेलैंटाइन। पीटने वाले से पूछा- तुम सब यहां कैसे? वे बोले -वेलैंटाइन।’ पुलिस ने अपने माथे […]

ब्रह्म लोक में हनुमान जी बहुत नाराज चले आ रहे थे ।  आते ही राम जी के चरणो में सिर नवा कर बोले- प्रभु जी मैं तो सिर्फ आप का भक्त हूं । साधु हूं । लोग कहते भी हैं जात न पूछो साधु की, पर मुझे जान बूझकर दलित […]

निर्भया : कविता संग्रह लेखक : सुरेश सौरभ प्रकाशक : नमन प्रकाशन, लखनऊ मूल्य : 50 आवरण : पेपरबैक ‘निर्भया’ पुस्तक का नाम है या नाम है आक्रोश का? सामने टेबल पर रखी इस पुस्तक को पिछले कई हफ्तों से देख रही हूँ। कई बार पढ़ने को हाथ में लिया, […]

खुदा के फजल से अच्छी-खासी गृहस्थी चल रही थी, पर जब से यह मी टू का वायरस शुरु हुआ है तब से दिल में तूफान मचा पड़ा है। मुझे अपने कालेज के वो पुराने दिन याद आने लगे जिनकी सुनहरी यादें सीने में दफन थी। वैसे कालेज के दिनों में […]

जब से मी टू का वायरस फैला है, तब से अच्छे-अच्छो के कच्छे उतर कर खूंटी पर टंग रहे हैं। जिनके चौखटां पर लोगों को अगाध श्रद्धा का भाव था, वह भाव-भजन बेआबरु हो कर गंदे गटर में सरकता जा रहा है, बहता जा रहा है। अब खुदा खैर करे […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।