
बनना है तो सूर्य की तरह
तेजवान और प्रकाशवान बनों
जिस तरह सूर्य कभी किसी में
भेद भाव नहीं रखता
चाहे अमीर हो या ग़रीब
वो सब को प्रकाशित करता है
सबके प्रति होता सूर्य का समान भाव
सभी को ऊर्जा देता समान वो
बस तुम भी बनों सूर्य की तरह
दे सको जितनी ख़ुशी
तुम बाटों सभी को
सभी को समकक्ष ही समझों
न रखो भेद भाव तुम मन में
यहाँ न कोई अमीर है
न ग़रीब ही कोई
सब बनाएँ हैं हमीं ने
फ़ासले सब से
ज़रा बैठो दो पल किसी
ग़रीब के पास जाके
समझ ख़ुद ही जाओगे
ग़रीब वो नहीं
तुम ही हो दिल से
#अदिति रूसिया
वारासिवनी

