बारिश

sushil duggad
चल रही है झूम के हवाएं,
बादलों ने शोर मचाया है ।
बदला सा मिजाज मौसम का,
कोई दस्तक देने आया है ।।
रंग बदला है पत्तो ने अपना,
पेडों ने गीत गुनगुनाया है ।
डाली डाली चहक रही,
आनन्द हृदय में समाया है ।।
सौंधी सौंधी खूश्बु माटी की,
हर महक फीकी पड़ जाती है ।
माटी अपने माटी होने का,
अज़ब एहसास कराती है ।।
मदमस्त होकर मयूर भी,
मनमोहक नृत्य बता रहे ।
पी हू पी हू करते पपीहा भी,
अपनी खुशियाँ जता रहे ।।
गर्म हवाओं के थपेड़ो ने,
जीवन को मानों पस्त कर दिया ।
थम सा गया था जैसे समय,
सब कुछ अस्त व्यस्त कर दिया ।।
ऐसे में राहत देने तन मन को,
फिजाओं ने कदम बढ़ाया है ।
काली घटाओं ने घेरा सूरज को,
उमड़ गुमड़ सावन आया है ।।
चमक उठी बिजली नभ में,
टप टप बूंदों ने मन हर्षाया है ।
रंग बदला प्रकृति ने अपना,
अदभुत सा दृश्य सर्जाया है ।।
खिल उठे है चेहरे सारे,
खुशियों का सागर बोल रहा ।
बच्चों की बस्ती में छायी मस्ती,
हर कोई मस्ती में डोल रहा ।।
तन मन को “स्पर्श” करती बारिश,
सन्देश जीवन का कह जाती है ।
अनगिनित आशाएँ जगाती बुँदे,
सृष्टि को नव जीवन दे जाती है ।।
#सुशील दुगड़ “स्पर्श”
अंकलेश्वर(लुहारिया)

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।