एक भी टीका खराब ना हो

समस्त टीकाकरण केंद्रों पर प्रभारियों को टीकाकरण हेतु 1 बैकअप लिस्ट बनाकर रखना चाहिए जिसमें टीका लगवाने वाले ऐसे फ्रंटलाइन वर्कर, समाजसेवी, पत्रकार, युवाओं के नाम व मोबाइल नम्बर हो। जैसा कि हम जानते है, वैक्सीन का 1 डोज़ निकलने पर 10 लोगों को वैक्सीन लग सकती है। यदि दिवस के अंत में टीकाकरण हेतु पूरे 10 लोग नही बचते, तो ऐसे में बची हुई वैक्सीन खराब हो सकती है, क्योंकि उसे दूसरे दिन उपयोग नही किया जा सकता। इस संबन्ध में प्रत्येक टीकाकरण केंद्र पर एक बैकअप लिस्ट बनाकर रखना चाहिए, और टीकाकरण अधिकारी वैक्सीन शेष रहने पर 30 मिनट पहले उक्त लिस्ट प्रभारी को वैक्सीन बचने की सूचना दे, ताकि 30 मिनट में शेष बचे लोगों को बैकअप लिस्ट के माध्यम से बुलाकर टीका लगाया जा सके। इससे वैक्सीन का एक भी टीका खराब नही होगा। जैसा कि कई केंद्रों से टिका खराब होने की खबर आ रही है। पूरे देश मे कुल मिलाकर 45 लाख वैक्सीन डोज़ खराब हो चुके है, जिसमें आंध्रप्रदेश, असम, बिहार, छतीसगढ़ सबसे आगे है। मध्यप्रदेश में भी 81000 से अधिक वैक्सीन डोज़ खराब हुए, जो चिंता का कारण है। यदि जनता व अधिकारी दोनों वेक्सिनेशन के लिए जागरूक बने तो वैक्सीन का बर्बाद होना रोका जा सकता है।

मंगलेश सोनी
मनावर मध्यप्रदेश

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जीवन

Mon May 17 , 2021
जीवन सफल बनाने को कर लो कुछ उपकार राह भटके लोगो को आओ दिखाए सन्मार्ग झूठ,फरेब और मक्कारी है कलियुग की पहचान इन सबसे मुक्ति का राजयोग है निदान सवेरे उठकर जो परमात्मा का करते है नियमित ध्यान सारे विकार नष्ट हो उनके मिले सदाचरण का ज्ञान ।#श्री गोपाल नारसन

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।