सावण सुरँगो साहिबा,मनड़े छायो हेत| ऊभी उडिके गोरड़ी ,जोगी जोबन खेत|| रुत रेता राची धणी, घट म्हा मारे तीर| नैण बरखा बरसे पिया, ज्यों झरणा रो नीर|| प्रीत निभाओ रांझणा, जोबन झौला खाय| सोणो चाले बायरो ,सावन सूखो जाय|| सावन बरसे नयन से, मन में उठ री पीर| स्वप्न में […]

  मन करता हैअलमस्त हो, मैं एक ऐसा गीत लिखुँ| गीत लिखुँ मनमीत लिखुँ ,मिट्ठे–मिट्ठे संगीत    लिखुँ| जग उलझन से हो परे, मैं अपने मन का गान लिखुँ| जो जन इस जग में, अपने को जितना खोता है | मृगतृष्णा में खोकर वो, कब शांति से सोता है| जीवनभर […]

मन करता हैअलमस्त हो, मैं एक ऐसा गीत लिखुँ| गीत लिखुँ मनमीत लिखुँ ,मिट्ठे–मिट्ठे संगीत लिखुँ| जग उलझन से हो परे, मैं अपने मन का गान लिखुँ| जो जन इस जग में, अपने को जितना खोता है | मृगतृष्णा में खोकर वो, कब शांति से सोता है| जीवनभर करता छलकपट […]

दग्ध हृदय से विचलित होकर एक ऐसी राग सुनाता हूँ, शहिदों की शहादत को मैं शत् शत् शीश नवाता हूँ| वीरप्रसूता धरा सोनियासर का गुणगान हमेशा गाता हूँ, कलम से अंगार उगलता निज “राही”नाम कहलाता हूँ|| पुलवामा का घाव भरा नही फिर दुष्टों ने उसे कुरेदा हैं, शांतिप्रिय राष्ट्र के […]

विशाल जग के अंतर्जाल में खोया सा, स्तब्ध सा, अंतर्मन की बेचैनी लिए मन तलाश रहा उस बिन्दु को कहीं दिख जाए शून्य में जीवन का सारांश प्राणचातक तरस रहे रजनीभर कहीं अरुणाभ उजाला दिख जाये| मैं खोजता रहता हूँ इस शून्य संसार में फिर से नई चिंगारी मिल जाये, […]

हिंदुस्तान सोश्लिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के आगरा वाले मुख्यालय में चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, बटुकेश्वर दत्त ,शिव वर्मा, विजय कुमार सिन्हा, जयदेव कपूर ,डॉक्टर गया प्रसाद, विश्वनाथ वैशंपायन, सदाशिव राव मलकापुरकर, आदि दल के सभी सक्रिय सदस्य बैठे हैं। हंसी मजाक चल रहा हैं। हंसी मजाक का विषय है […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।