लग गई दीमक देखो इंसान की फसल में बदल गया है आदमी कितना बस आजकल में दिल पसीजता नहीं, शहादत देखकर भी जज़्बात कैसे बने है पत्थर, बस आजकल में सुना था मयस्सर है सुकूँ, दरख़्तों की छाँव में माँ-बाप हो रहे है बेघर, बस आजकल में रहमदिली, ख़ुदाई, अपनापन, […]

खड़ा था , सड़क पर , वह फूटी सी, उड़ती धूल, गड़े गढ़े, चकित आँखें, विगलित हो रहा , स्वयं , फैशन से भरी सड़क , देखकर , है इन्सान , पथभ्रष्ट, विचलित , अनैतिक राह पर, अनुसरण उसका, चकित मानव मन ! #सुनील कुमार पारीक ‘शनि’ परिचय : सुनील कुमार […]

उनसे नजरें क्या मिली,कोई अपना हो गया। चाहता हूँ में उनको,पर दिल उनका हो गया॥   नजर चुराने के इस खेल में,खुद को हरा बैठे। दुनिया को जीतकर भी,हम अपने को गँवा बैठे॥   अपने को खोकर, उनको पाकर स्वयं को बिसरा गए। दिल है दिल चाहता है,दिल में बसेरा […]

शिक्षण है कर्म मेरा,सुअनील बहाता हूँ। कर्म में हम रत रहें,यही ध्यान लगाता हूँ॥ गाँव बम्बू में जन्म लेकर, शिक्षा यही पाई है। शिक्षा पाकर बड़ा बन बेटा,ये दुनिया पराई है॥ दुनिया पराई है तभी,अपनी जानकर अपनाई है। सबको जीवन दिया माँ ने,कहते ईश्वर ने दुनिया बनाई है॥ मातृ रज़ […]

भारत भूमि में जन्मे हम,हुए हैं एक से एक महान। सुभाष शिवा भगतसिंह बोलो,जय-जय हिन्दुस्तानll विष्णु प्रकटे हैं यहाँ,हुआ वराह नृसिंह वामन अवतार।                                              राम-कृष्ण की जन्मभूमि ये,पुण्य से […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।