बात आज सब मान,
रोग का करें निदान|
नित दिन योग ध्यान,
प्राणायाम कीजिए||
तन से न होंगे पस्त,
मन से रहेंगे मस्त|
योग में अपार शक्ति,
अाप जान लीजिए||
योग का करें प्रसार,
योग करें बार बार|
कुछ वक्त आप योग,
नाम कर दीजिये||
कर्म योग भक्ति योग,
या हो कोई हठ योग|
ध्यान साधना सरस,
ज्ञान रस पीजिए।
#चंचल पाण्डेय ‘चरित्र’
परिचय: चंचल पाण्डेय ‘चरित्र’ की जन्मतिथि-५ अप्रैल १९८९ और जन्म स्थान-रूदपै है। निवास शहर-शंभूगंज (राज्य-बिहार)में है। आपने बी.ए. की शिक्षा हासिल की और गैर सरकारी शिक्षक हैं। आप काव्य लेखन करते हैं,जिसका उद्देश्य-हिन्दी का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करना है।
Mon Jun 4 , 2018
अपनी रत्ती भर राख आज आखिरकार उसने कागज़ पर धर ही दी इक लौ जंगलों तक पैदल पैदल पहुंची फिर दावानल रच दिया शहर आसमान दरिया सब सेंक कर रख दिया वो आज भभकी नहीं …..सूखी घास सी लौ में कुंदन सी दूर तक आंच ले गई आंचल में सुन्दर […]