भारत में भ्रष्टाचार

 kirti jayaswal
रामलीला मैदान में अनशन हुआ,
नेताजी ने जोर-शोर से किया।
उनके समर्थनों की गणना नहीं                            
भ्रष्टाचार लेकर आंदोलन हुआ।
 
साथी बहुत थे; समर्थन बहुत,
समर्थनों की भीड़ में भ्रष्टाचारी अधिक।
भ्रष्टाचारी भीड़ भ्रष्टाचार के खिलाफ,
भारत में इतनी भ्रष्टाचार की भरमार।
 
भ्रष्टाचार बढ़ा; ईमान गिरा,
लालच बढ़ा; इंसान गिरा।
ईमान पर शस्त्र काली मुद्रा लिए ‘कर’,                 
मुद्रा पर मुद्रित ‘सत्यमेव जयते’।                            
केस् कराएँगे,अदालत में जाएँगे,                       
गीता,कुरान,बाइबिल की यूं ही कसम खाएंगे।
 
असत्य भी कहेंगे तो जोर-शोर से,
क्षण-क्षण प्राचीर कहे ‘सत्यमेव जयते’।            
(गणना-गिनती, शस्त्र-औजार,कर-हाथ, मुद्रित-छपा होना, प्राचीर-दीवार)
(जब नेताजी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन किया था तो न जाने कितने लोग उनके समर्थन में खड़े हो गए,पर समर्थन करने वालों में न जाने कितने लोग भ्रष्टाचारी होते हुए भ्रष्टाचार का विरोध कर रहे थें। भ्रष्टाचारी रुपए खाते हैं,उस रूपए पर ‘सत्यमेव जयते’ लिखा रहता है; क्या उन्हें वह नहीं दिखलाई पड़ता! न जाने कैसे अपना ईमान खोए समाज में ऊँची कुर्सी लगाए वो बैठे हुए हैं। इंसान तो अदालत में भी धर्म के ग्रन्थ में झूठी कसम खाता है। अदालत की दीवार जिसमें मोटे- मोटे अक्षरों में ‘सत्यमेव जयते’ लिखा होता है,क्या उसे वो नहीं दिखलाई पड़ता!)
                       #कीर्ति जायसवाल

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।