वट-सावित्री

keshav
आज पवित्र पर्व वट सावित्री की है,
आज के दिन सुहागिन महिलायें!
कथा सुनती सत्यवान-सावित्री की है।
वट वृक्ष के नीचे आज स्त्री पूजा करती हैं,
बांस के पंखे से वट वृक्ष को हवा करती हैं।
कच्चा धागा लपेटकर परिक्रमा करती हैं,
उसके बाद ध्यान से सभी कथा सुनती हैं।
आज पूजा और कथा सुनकर!
वो पति के दीर्घायु की कामना करती है,
उनके लिए पूरा दिन उपवास रखती हैं।
यह पावन त्योहार हमसभी के जीवन में,
सौभाग्य,दीर्घायु और आरोग्य प्रदान करती है,
सभीके दुःख,तकलीफ और पापों को हरती है।
इससे वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है,
और इसके पूण्य से पति की उम्र बढ़ता है।
वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेष रहते हैं,
और सभीलोगों कि मनोकामना पूर्ण करते हैं।
स्त्रियों द्वारा किये त्याग का अनुपम श्रृंगार है,
स्त्रियां!पुरुषों के लिए एक उत्तम उपहार है।
माताओं-बहनों को मुबारक यह त्योहार है,
सभी के चरण कमलों में नमन बारम्बार है।
सभी के चरण कमलों में नमन बारम्बार है।।
          #केशव कुमार मिश्रा

 परिचय: युवा कवि केशव के रुप में केशव कुमार मिश्रा बिहार के सिंगिया गोठ(जिला मधुबनी)में रहते हैं। आपका दरभंगा में अस्थाई निवास है। आप पेशे से अधिवक्ता हैं।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।