हिंदुस्तानी हैं

keshav
हम आर्य पुत्र,धर्मरक्षक,
हम सन्त सनातन ज्ञानी हैं।
हम चक्र-सुदर्शन धारी हैं,
हम अर्जुन आज्ञाकारी हैं।
हम वीर भगत-आजाद से,
धरती पुत्र बलिदानी हैं।
हम सब हिंदुस्तानी हैं, 
हम सब हिंदुस्तानी हैंll 
हमने सबको देना सीखा,
लेने की कोई प्यास नहीं 
जितना दिया सरकार ने हमको,
उससे ज्यादा की आस नहीं।
हम भले रहें सुदामा-सा,
वक्त पर दधीचि दानी हैं।
हम सब हिंदुस्तानी हैं,
हम सब हिंदुस्तानी हैंll 
हमने शांति-अहिंसा सीखी,
हमने सेवा को धर्म बनाया
हमने सबको अपना माना,
हमने अपना फर्ज निभाया।
हम महावीर-गौतम बुद्ध,
हम गुरु गोविन्द कृपाणी हैं।
हम सब हिंदुस्तानी हैं,
हम सब हिंदुस्तानी हैंll 
मैं-तुम का कोई भाव नहीं,
हम! का केवल आभास रहे
ये धरा स्वर्ग हो जाएगी,
अपनों में जब विश्वास रहे।
ये धरा विवेकानंदी है,
ये गांधी-सा बलिदानी है।
हम सब हिंदुस्तानी हैं,
हम सब हिंदुस्तानी हैंll 
ये कृषि-प्रधान! व्यापार योग्य,
यह उर्वर मिट्टी का देश रहा
जहां वीर अनेकों उत्पन्न हुए,
ऐसा पवित्र परिवेश रहा
हम कृषक रहे और शून्य दिया,
हम नवयुग के विज्ञानी हैं।
हम सब हिंदुस्तानी हैं,
हम सब हिंदुस्तानी हैंll 

               #केशव कुमार मिश्रा

परिचय: युवा कवि केशव के रुप में केशव कुमार मिश्रा बिहार के सिंगिया गोठ(जिला मधुबनी)में रहते हैं। आपका दरभंगा में अस्थाई निवास है। आप पेशे से अधिवक्ता हैं।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।