विचार,वाणी की
स्वतन्त्रता देती हमें
सम्मान हो,
वेशभूषा की सरलता
का हमें अभिमान हो,
देश,भाषा,धर्म का न
कभी अपमान हो।
इस निलय में हर कहीं,
बस राष्ट्र का गुणगान हो,
जो राष्ट्र हित में लिखा
जाए,ऐसा अनूठा गान
हो।
सच्चा वासी वही देश का
जो उस पर कुर्बान हो,
ऐसे कर्मठ प्रहरी हो देश
के,जिनको अस्मिता का
ध्यान हो,
जाति,क्षेत्र,भाषा से
हटकर,ऐसा देश महान
हो।
जिसकी धड़कन लोकतन्त्र
हो,उद्यमशीलता प्राण हो,
देश का हर कोना पुलकित
हो,
जन-जन का कल्याण हो,
ब्राजील से आयरलैंड तक
गौरवशाली मान हो।
ऐसी फ़िज़ा बने मुल्क की,
जिसको मिलता सम्मान
हो॥
सम्पदा मिश्रा
परिचय : सम्पदा मिश्रा की जन्मतिथि-१५ नवम्बर १९८० और जन्म स्थान-महाराष्ट्र है। आप शहर- इलाहाबाद(राज्य-उत्तर प्रदेश) में रहती हैं। एम.ए. एवं बी.एड. तक शिक्षित सम्पदा जी का कार्यक्षेत्र-बतौर प्रवक्ता अर्थशास्त्र(डाईट-इलाहाबाद) है। आपकी विधा-गद्य एवं पद्य है। आप स्वर्ण पदक विजेता हैं और लेखन का शौक है। लेखन का उद्देश्य-समाज को नई दिशा देना है।
Mon Jan 22 , 2018
सुबह हो शाम हो,दिन हो या रात हो, आओ मेहनत मिलकर करें। एक नया मुकाम हासिल करें, एक नया मुकाम हासिल करें॥ काम की होड़ में दौड़कर देखिए, कामचोरी को तभी छोड़कर देखिए। मेहनत और लगन की तुम दो एक मिसाल, इसमें खुद को डूबोकर तुम देखिए॥ तुम अगर […]