गढ़वाल सांसद श्री रावत द्वारा ‘चिट्ठियाँ’ विमोचित

इंदौर। कोरोना काल में साहित्यकारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम चिट्ठियाँ लिखीं,इसे संस्मय प्रकाशन ने पुस्तकबद्ध कर ‘चिठ्ठियाँ’ नाम से प्रकाशित किया। इस पुस्तक का विमोचन संसद में उत्तराखंड के पूर्व शिक्षामंत्री एवं गढ़वाल से सांसद तीरथ सिंह रावत एवं मातृभाषा उन्नयन संस्थान की दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. विजयलक्ष्मी भट्ट शर्मा ने विमोचित किया। ‘चिट्ठियाँ’ का सम्पादन मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ द्वारा किया गया है।
इस अवसर पर सांसद श्री रावत ने पुस्तक को प्रधानमंत्री जी तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता के साथ कहा कि ‘साहित्यकारों द्वारा अपने प्रधानमंत्री से संवाद करने की पुरानी प्रथा है, इसे संस्थान एवं संस्मय ने क़ायम रखा, यह क़ाबिल-ए-तारीफ़ है।’
श्री रावत ने मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा संचालित हिन्दी आंदोलन की प्रशंसा की।

‘चिठ्ठियाँ’ पत्र संग्रह में डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’, भावना शर्मा, दिल्ली, सुरभि सप्रू,मोनिका शर्मा मन, कुसुमलता कुसुम, मुक्ता मिश्रा, गिरीश चावला, नूतन गर्ग, डॉ विभा जोशी, निकिता शर्मा, दीपमाला पाण्डेय, डॉ. विजय लक्ष्मी भट्ट, अमिता रवि दुबे, मंजू बिष्ट, डॉ. मनीला कुमारी, ऋतु ऊषा रॉय, नवनीता कटकवार, संतोष कुमार वर्मा ‘कविराज’, डॉ.संध्या सिलावट, श्रीमती प्रतिभा पंचोली के पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम सम्मिलित हैं।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।