किसी के चाहने से कब कोई भी काम होता है,
यहाँ जो त्याग करता है, उसी का नाम होता है…।
यहाँ संसार में सबको विषय भोगों ने तड़पाया,
जो चारों दान करता है, उसे आराम होता है…।
अभय का दान परभव के दुखों का नाश कर देता,
शास्त्रों के दान से अध्यात्म योगी राम होता है…।
रोगों को नष्ट करना है तो औषध दान कर लेना,
करे आहार का जो दान, धन का धाम होता है…।
अगर गुरुवर को तुम देखो, वो त्यागी और तपस्वी हैं,
शरण को पा के गुरूवर की बिगड़ता काम होता है…।
#सोनू कुमार जैन
परिचय : १९८६ में जन्मे सोनू कुमार जैन,सहारनपुर के रामपुर मनिहारान (उत्तरप्रदेश) के निवासी हैं। सहारनपुर जिले में सरकारी अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। इन्होंने बीएससी के पश्चात बीएड,एमए(अंग्रेजी साहित्य)किया और अब हिन्दी साहित्य से एमए कर रहे हैं। मुक्तक,कविता,गीत, ग़ज़ल,नज़्म इत्यादि लिखते हैं। योग विधा से भी वर्षों से जुड़े हुए हैं और मंचों से योग प्रशिक्षण एवं योग शिविर इत्यादि संचालित करते हैं।