आगे बढ़

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kanak
अपने ईश्वर पर यकीन रख,
जिंदगी में गिर
उठ और आगे बढ़,
पर ईश्वर पर यकीन रख।
जीवन में संघर्ष कर,
मुश्किलों से न डर
सामना कर हर कठिनाई का,
हार से न डर।
गर ठहरा तू किसी जगह,
तो पीछे रह जाएगा
छोड़कर जग तुझे,
आगे बढ़ जाएगा।
तू किसी की परवाह न कर,
बस आगे बढ़
याद रख,
वो मालिक तेरे साथ है।
उसे हैं सभी प्यारे,
नहीं है किसी में भेद
उसके न्याय पर यकीन रख,
कर्म कर॥
                                             #कनक दाँगी ‘बृजलता’
परिचय : कनक दाँगी ‘बृजलता’ का जन्म १० मार्च १९९५ में वृन्दावन(मथुरा, उ.प्र.)में हुआ है।आपका निवास वर्तमान में मध्य प्रदेश के गंजबासौदा में है। बीएएलएलबी में अध्ययनरत होकर लेखन से जुड़ी हैं। काव्याग्रह (कविता संग्रह) प्रकाशित रचना है तो,स्थानीय तथा प्रदेश के पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन होता रहता है। आगामी कहानी संग्रह प्रकाशाधीन है। कविता, कहानी,लेख,उपन्यास और नाटक विधा में लेखन करती हैं। साथ ही चित्रकारी,नौ भाषाओं के ज्ञान व अंकशास्त्र और ज्योतिष के साथ समस्त धर्म शास्त्रों का अध्ययन है।

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