हमारे देश में आजादी हमको फिर से लाना है,
मेरे दिल की सभी बातें सभी को कह सुनाना है…।
गए इस देश से अंग्रेज पर शासन उन्हीं-सा है,
हमें शासन में भी अपने ही रँग को अब चढ़ाना है…।
बहुत कुछ कह चुके हैं हम,बहुत कुछ सुन चुके हैं हम,
नहीं कहना, नहीं सुनना,हमें करके दिखाना है…।
बुलाता देश है तुमको,अगर तुम सुन सको सुन लो,
गुलामी की उन्हीं गर्तों में हमको फिर न जाना है…।
यहाँ पर घूसखोरी है,यहाँ पर बेईमानी है,
कहूँगा आज मैं सब कुछ,नहीं कुछ भी छुपाना है…।
कहीं चूल्हा नहीं जलता,कहीं शिक्षा नहीं मिलती,
किसी को अस्पतालों की सफ़ों में मर ही जाना है…।
अगर कुछ कर सकें तो यें हमें संकल्प करना है,
हमारे देश में हमको ही अब बदलाव लाना है…॥
#सोनू कुमार जैन
परिचय : १९८६ में जन्मे सोनू कुमार जैन,सहारनपुर के रामपुर मनिहारान (उत्तरप्रदेश) के निवासी हैं। सहारनपुर जिले में सरकारी अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। इन्होंने बीएससी के पश्चात बीएड,एमए(अंग्रेजी साहित्य)किया और अब हिन्दी साहित्य से एमए कर रहे हैं। मुक्तक,कविता,गीत, ग़ज़ल,नज़्म इत्यादि लिखते हैं। योग विधा से भी वर्षों से जुड़े हुए हैं और मंचों से योग प्रशिक्षण एवं योग शिविर इत्यादि संचालित करते हैं।