नारी सम्मान

aarti jain
हर दिन नारी की इज्जत से ‘खेला’
जाता है,
कभी शब्दों से तो,कभी हाथों से
नारी को ‘मैला’ किया जाता है।
अपमान के घूँट को पीना नारी का
‘फर्ज’ माना जाता है,
मान तो पुरूषों के हिस्से में आता है..
नारी को तो आज भी एक ‘कर्ज’
माना जाता है।
ऐसे ही हुआ अपमान नारी का तो नारी भी तुम्हारे ‘लाल को माल’ बोलेगी l
जैसे तुम ‘साली को आधी घर वाली’ बोलते हो,वैसे वो ‘देवर को वर बोलेगी।
मत भूल ए पुरुष तू अपनी मर्यादा को वरना, नारी रुपी नदी में वो ‘बाढ़’ आएगी,जिसमें ये पूरी ‘सदी डूबेगी।’
नारी ‘ममता’ है तो तुम भी रखो
थोड़ी ‘क्षमता’,
याद रखना नारी को ‘सम्मान’ दोगे
तो ‘मान’ मिलेगा।
बस नारी की है यही ‘कहानी’,
मत आने दो कभी उसकी आँख में ‘पानी’।
भले मत बनाओ उसे ‘रानी’ किंतु
उसके लिए उपयोग करो ‘मीठी वाणी।’
नारी हूँ, इसलिए नारी के लिए
लिख रही हूँ,
पसंद आए तो जीवन में  उतारना,
जो व्यथा कह रही हूँ॥
                                                                               #आरती जैन
परिचय:  आरती जैन राजस्थान राज्य के डूंगरपुर में रहती है। आपने अंग्रेजी साहित्य में एमए और बीएड भी किया हुआ है। लेखन का उद्देश्य सामाजिक बुराई दूर करना है।

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मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।