
टिक टिक घड़ी चल रही है
समय की सुई आगे बढ़ रही है
मुठ्ठी से फिसलती रेत की तरह
समय फिसलता जा रहा है
कुछ भी हाथ नही आ रहा है
व्यर्थ यूं ही समय बीता अगर
नही मिल पाएगी सफल डगर
अपना समय अब यूं न गंवाओ
परमात्मा मे अपना ध्यान लगाओ
अपनी आत्मा पर जो गर्द चढ़ी है
राजयोग से उसे साफ कराओ
हर पल अपना सफल बनाओ।
#श्रीगोपाल नारसन

