
घर घर मे रावण पैदा हो गए
किस किस को जलाओगे
सत्ता छोड़ जो वन को जाए
ऐसा राम कहां से लाओगे
पहले अपने अंदर झांक लो
कितने रावण मन मे बसे है
पहले उन्ही रावणो को मार लो
जो रावण तुम्हारे पास खड़े है
काम,क्रोध,मोह,लोभ,सब
अहंकार में लिपटे रावण ही तो है
इन सबसे तुम पिण्ड छुड़ा लो
विजय तुम्हारी इसी में है।
#श्रीगोपाल नारसन

