हिन्दी चालीसा

dashrath
तासी ने इतिहास रचाया।
पीछे रामचंद्र ने गाया।।
आदिभक्तिअधु रीति बनाई।
चारभाग संवत में गाई।।
खुसरो जग विद्या वरदाई।
चारों आदि कवि कहलाई।।
रामकथा तुलसी ने गाई।
बीजक कबीरा कही सुनाई।।
मीरा सूरा खान बखाना।
नंद चतुर्भुज वल्लभ जाना।
रामा तुलसी नाभा गाते।
अग्र ह्रदय प्राणा भी आते।।
सेन भगत पलटू अरु धरमा।।
सुंदर सहजो धन्ना करमा।।
पीपा मलु नानक  रैदासा।
कबीरा भावा निर्गुण खासा।।
मंझन मधु जायसि पद्मावत।
उसमन चित्रा कुतु मिरगावत।।
भूषण चिन्ता केशव बोधा।
बिहारी मति घन ठाकुर शोधा।।
हरिश्चन्द  कवि नाट रचाया।
अधुना युग में अलख जगाया।।
प्रताप अंबिका बदरी मोहन।
भारतेन्दु  राधा   नारायण।।
मैथिली माखन राम नरेशा।
महावीर  हरिऔधा  शेषा।।
जय शंकर है छायावादी।
पंत  निराला देवी  आदि।।
शिवतिरलोचन अरु केदारा।
शोषण प्रगति कवि की धारा।
युगधारा  नागार्जुन  गाया।
राघव रांघे  खंडहर  भाया।।
अज्ञेय प्रयोगवाद चलाया।
तारा सप्तक  आप बनाया ।।
गीत गजल नव छंद बनाई।
नई कविता इक्कावन आई।।
कवि भवानी शम दुष्यंता।
सोमा  शंभू  नइम जगंता।।
रमानाथ  रघुवीर  सहाई।
उमाकांत नवगीत  चलाई।।
राष्ट्रभाषा जानिए,करें देश का गान।
हिन्दी जग में छाएगी,कहते कवि मसान।।
                                                                   #डाॅ. दशरथ मसानिया

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जग हँसाई  देख ली

Tue May 16 , 2017
इस  जमाने  की  हकीकत  आशनाई  देख  ली । कर  मुहब्बत  कर वफा   करके भलाई देख ली।। दर्द   देकर   ज़िन्दगी   को   बद्गुमानी   में   रहे। ज़िन्दगी   मैंने   तुम्हारी    बेवफाई    देख   ली।। गलतियाँ कर नासमझ बन और खुद नाराज तुम। घाव […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।