
चलो चलें अवध में उत्सव है भारी
बरस भर बाद आई है मंगल घड़ी
घर-घर बाज रहे है मंगल बाजे
अति शुभ मंगल आज तिथि है
राम नाम की धूम चहूं और मची है
चकमक जगमग है दसों दिशाएं
दुल्हन बनी है प्रकृति फिजाएं
घर घर है दीपोत्सव की तैयारी
चलोअवध में उत्सव है भारी
सिंहासन बैठेंगे रघुकुल के नायक
दर्शन होगा अति शुभ फलदायक
आओ अपना जन्म सफल करें
ले राम नाम का झंडा हम भी अवध चलें
माधव झा

