
हिंदी को हम कहते माँ
पर क्या हम दें पाए वो सम्मान
वर्ष में एक दिन मनाए हिंदी उत्सव
बाकी हर दिन करते अपमान
बड़े शर्म की बात है यह
माँ को न मिल पाया अब तक सम्मान
क्यों भूल गए वो दिन
जब थे हम अंग्रेजी के गुलाम
ना था अपना कोई मान सम्मान
फिर भी करते हम उसी का गुणगान
उठो ! मेरे प्यारे देशवासियों
दिलाओ अपनी माँ को उसका खोया सम्मान
ताकि हम गर्व से कह सके
हिंदी हमारी माता महान है……
#शिखा अर्पण जैन, इंदौर
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष- मातृभाषा उन्नयन संस्थान

