
दिल के जख्म कैसे दिखाए आपको।
उनमें कितना दर्द है कैसे बताए आपको।।
दिल पर जो बीत चुकी है बीत
जाने दो।
उसे दुबारा से कैसे सुनाए आपको।।
तुमने सताया है पहले ही ज्यादा।
फिर हम क्यो सताए आपको।।
जो जख्म दिए बेवफ़ाई के तुमने
उनको हर बार कैसे दिखाए आपको।।
भूलने से भी भूलती नहीं तेरी यादें।
फिर हम कैसे भुलाए आपको।।
रस्तोगी के दिल में बसी हो तुम।
फिर दिल से कैसे हटाए आपको।
आर के रस्तोगी
गुरुग्राम

