इश्क सूफियाना..

sourabh
कभी हमारी मोहब्बत की कहानी
पढ़े ये जमाना,
जिसमें पाक मोहब्बत का हो खजाना।

आओ दें इस दुनिया को प्रेम का, अनोखा नजराना,
कुछ ऐसा हो तेरा-मेरा इश्क सूफियाना।

जिसे पाकर दुनिया की रुह पावन
हो जाए,
हमारे प्रेम की पावन कहानी लिखे ये जमाना।

ये दुनिया राधा-कृष्ण के प्रेम की,
जो सुनती है धुन,
जैसे मीरा ने श्री कृष्ण के प्रेम को लिया था चुन।

उस प्रेम के पवित्र एहसास को महसूस करना है तो,
मेरे दिल की गली में आकर वो धुन कभी तू भी सुन।

हो जाएँ लोग दीवाने,पढ़कर उस प्रेम की कहानी
जिसे पढ़कर आ जाए जवानी में एक नई रवानी।

हम एक दूसरे को महसूस करने लगें, कुछ इस तरह,
मैं हो जाऊं तेरे प्रेम में पागल, और तू हो जाए दीवानी।।

                                                                      #सौरभ जैन(उज्जवल)

परिचय : रचनाकार बनाने की दिशा में सौरभ जैन का प्रयास जारी है। रामपुर मनिहारिन( जिला-सहारनपुर) के निवासी हैं और बी.कॉम.कर लिया है। २२ वर्ष के सौरभ शायरी व छंदमुक्त काव्य रचना को अधिक पसंद करते हैं।

matruadmin

Next Post

बार -बार वन्दना..

Fri Apr 28 , 2017
व्राह्मण कुल गौरव भगवान परशुराम जी के, जन्म दिवसोत्सव पर बार -बार वन्दना। शिव के महान भक्त विजया कमानधारी, सती रेणुका के पूत बार-बार वन्दना।। ऋषि जमदग्नि जी के अंशज महान वीर, कर में कुल्हाड़ी जिनके बार – बार वन्दना।। गाय गुरु रक्षा हित क्षत्रिय कुल द्रोही, भगवान परशुराम जी […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।