विश्व हिन्दू परिषद ने देश भर में सामाजिक संघटनों से किया आव्हान

नई दिल्ली|

लोकसभा व राज्यसभा ने दिसम्बर में स्पष्ट बहुमत से नागरिकता संशोधन विधेयक को अधिनियम बनायाl स्वाभाविक रूप से सम्पूर्ण देश में इस घटना के परिणाम देखने को मिले| विपक्षियों ने जहाँ एक ओर सरकार पर प्रक्रिया उल्लंघन जैसे अन्य गंभीर आरोप लगाये वहीं दूसरी ओर देश भर में एक सुनियोजित तरीके से हिंसा एवं द्वेष फैलाने की करतूतें भी की गईं, जिनका उद्देश्य देश में अस्थिरता, अराजकता एवं अफवाह फैलाना था जिससे सरकार की बदनामी हो और इसका राजनीतिक लाभ विरोधी पक्षों को मिले. राजनीतिक लाभ पाने के लिए उन ताकतों ने देश की सामान्य जनता का ही इस्तेमाल किया| जनता को इस अधिनियम की पूर्णतः: गलत व् भ्रामक जानकारी दी गई जिससे स्थिति और भी उलझी और तनाव पूर्ण होती गई|

   विश्व हिन्दू परिषद ने इस तथ्य को गंभीरता से लेते हुए देश भर में सामाजिक संघटनों से आव्हान किया था की अपने-अपने स्तर पर सभी संस्था इस अधिनियम के सन्दर्भ में जन-जागरूकता अभियान चलायें| उस कड़ी को आगे बढाते हुए विश्व हिन्दू परिषद- इन्द्रप्रस्थ प्रांत, दिल्ली ने  सामयिक पहल करते हुए 5 जनवरी को एक भव्य कार्यक्रम-- नागरिकता संशोधन अधिनियम : संभ्रम से सच की ओर का आयोजन किया है| सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम में दोपहर 12.30 बजे से प्रारम्भ होने वाले इस कार्यक्रम में सुलगते हुए समकालीन विषय पर संवेदनशील संवाद साधने हेतु केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसादजी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इन्द्रेश जी, विहिप कार्यकारी अध्यक्ष एड. आलोक कुमार जी, विहिप केन्द्रीय मंत्री प्रशांत हरतालकरजी तथा हिन्दू-सिख-बौद्ध-जैन समाज के पूजनीय संत-महाराज जी उपस्थित रहेंगे| कार्यक्रम की अध्यक्षता एलिट सर्किल व् साधना टीवी समूह के चेयरमैन राकेश गुप्ताजी करेंगे|

   इस अवसर पर अफगानी-सिख शरणार्थी, बलूचिस्तानी-हिंदू शरणार्थी एवं मजनूं का टीला, आदर्श नगर, रोहिणी सेक्टर 11, रोहिणी सेक्टर 25 और अंडर सिग्नेचर ब्रिज इन 5 कैंपों के पाक-हिंदू शरणार्थी, प्रधान के साथ विशेष रूप से उपस्थित रह कर अपने मन की बात कहेंगे| साथ ही नागरिकता प्रदान करवाने के सतत प्रयासों के लिए विहिप और सरकार के प्रति आभार प्रकट करेंगे| ऐसा आयोजन देश में संभवतः पहली बार हो रहा है|

   संयोजन समिति ने नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित रहकर नागरिकता संशोधन अधिनियम के सच को जानने और देश विरोधी ताकतों द्वारा फैलाये गए संभ्रम और अफवाहों को जड़ से नष्ट करने की अपील की है| कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु संयोजन समिति अध्यक्ष कपिल खन्ना , कार्याध्यक्ष वागीश इस्सर ,मंत्री बचन सिंह के मार्गदर्शन में संयोजन समिति सदस्य वैभव शर्मा, सुरेन्द्र गुप्ता, मुकेश गुप्ता, महावीर गुप्ता और श्रीमती ज्योति शर्मा अथक प्रयास कर रहे हैं|

matruadmin

Next Post

शब्दो और वाणी का महत्व

Fri Jan 3 , 2020
शब्दो के प्रयोग से, महकता है आपका जीवन। शब्दो के प्रयोग से ही, बनते है प्रशंशक। शब्दो के उपयोग से, समझ आते है पढ़े लिखे। शब्दो और वाणी से, बना सकते हो माहौल। शब्दो के बिना निराधार है, आपका मनुष्य जीवन। शब्दो से ही बनता है, एक सभ्य समाज। शब्द […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।