किसानों को कर्जदार नही कर्जमुक्त करे मुख्यमंत्री-श्रीगोपाल नारसन

रुड़की |

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा की गई घोषणाओं को जनता के लिए लॉलीपॉप बताया।उन्होंने कहा कि किसानों को आज कर्जदार बनाने की नही, कर्जमुक्त करने की आवश्यकता है।प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने नेहरू स्टेडियम में आयोजित मुख्यमंत्री की जनसभा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा ने जानबूझकर रुड़की का नगरनिगम चुनाव अभी तक नही होने दिया,जो जनता के हितों के साथ खिलवाड़ है।उन्होंने मुख्यमंत्री की रुड़की जनसभा को चुनाव सभा बताते हुए कहा कि जिस प्रकार कांग्रेस शासनकाल में किसानों के 72 हजार करोड़ रुपये के ऋण माफ किये गए थे ,उसी प्रकार भाजपा सरकार भी किसानों को कर्जदार बनाने के बजाए उनके कर्जे को माफ कर उन्हें खेती कार्यो के लिए अनुदान दे।उन्होंने राज्य में युवाओं के उत्पीड़न और बढ़ते अपराधों पर भी सवाल उठाये।उन्होंने कहा कि जनसभा में युवाओं का आक्रोश त्रिवेंद्र सरकार की विफलता का प्रमाण है।उन्होंने मुख्यमंत्री की जनसभा को पूरी तरह से असफल बताते हुए कहा कि किसानों को मुख्यमंत्री की घोषणाओं से कोई लाभ होने वाला नही है।इसीकारण किसानों में मौजूदा सरकार के प्रति गन्ना मूल्य भुगतान समेत कई मुद्दों को लेकर गुस्सा कायम है।

matruadmin

Next Post

शर्त यह है तुमको मुझे आँखों से पिलाना होगा

Tue Oct 22 , 2019
मुझे तो आपके पास लौट कर आना होगा| तुम्हारे सिवाय मेरा न कोई ठिकाना होगा || भले ही कुछ कह दो,तुम ऊपरी मन से | प्यार करती हो मुझे,मीत बनाना होगा || मैफिल सूनी पड़ी है,लौट कर आना होगा | तुमको तो वह पुराना गीत सुनाना होगा || आऊंगा जब […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।