
अपने आँगन की देहली पर फिर से बैठ जाओ ना..
कह दो मिलने का दिल है,तुम मिलने आओ ना..
किसी मुद्दत से तुझे ज़ी भर करके देखा नहीं…
फिर उसी शिद्दत से मुझे बुलाओ ना…
अपने आँगन की देहली पर फिर से बैठ जाओ ना…
हर दूआओ में मांगा है तुझे रब से..
आज फिर से यही बात दोहराओ ना…
अपने आँगन की देहली पर फिर से बैठ जाओ ना..
कह दो मिलने का दिल है, तुम मिलने आओ ना…
#सचिन राणा “हीरो”
हरिद्वार (उत्तराखंड)

